Haiwaan Review: अक्षय कुमार का खतरनाक अंदाज, सैफ अली खान की जद्दोजहद; कैसी है ‘हैवान’?

नई दिल्ली। अक्षय कुमार और सैफ अली खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘हैवान’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है और लंबे समय बाद अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी पर्दे पर साथ नजर आ रही है। फिल्म में दोनों कलाकार बिल्कुल अलग तरह के किरदारों में दिखाई देते हैं, जिसके चलते रिलीज से पहले ही इसे लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता थी।

‘हैवान’ की कहानी एक ऐसे खतरनाक अपराधी के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका सामना एक नेत्रहीन व्यक्ति से होता है। सैफ अली खान ने श्याम का किरदार निभाया है, जबकि अक्षय कुमार परशूराम के रूप में नजर आते हैं। कहानी आगे बढ़ने के साथ दोनों के बीच एक तरह का चूहे-बिल्ली का खेल शुरू होता है, जिसमें एक तरफ अपराधी अपनी चाल चलता है तो दूसरी तरफ श्याम अपनी सुनने, सूंघने और महसूस करने की क्षमता के सहारे उसका मुकाबला करने की कोशिश करता है।

अक्षय कुमार का अलग अंदाज

अक्षय कुमार इस फिल्म में अपने सामान्य नायक वाले अंदाज से बिल्कुल अलग नजर आते हैं। उन्होंने एक ऐसे किरदार को निभाया है जो खतरनाक होने के साथ-साथ अपने व्यवहार में काफी अप्रत्याशित है।

उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और एक्शन सीक्वेंस फिल्म के मजबूत हिस्सों में शामिल हैं। हालांकि, खलनायक के रूप में उनके किरदार में वह भयावहता हर जगह दिखाई नहीं देती जिसकी उम्मीद दर्शक कर सकते हैं। राजपाल यादव के साथ उनके कुछ दृश्य फिल्म में हल्का-फुल्का मनोरंजन भी जोड़ते हैं।

सैफ अली खान ने संभाली कहानी

सैफ अली खान ने श्याम के किरदार में एक नेत्रहीन व्यक्ति की भूमिका निभाई है। उनके किरदार की सबसे बड़ी ताकत उसकी असाधारण इंद्रियां हैं, जिनकी मदद से वह सामान्य परिस्थितियों को अलग तरीके से समझता है।

सैफ ने किरदार की छोटी-छोटी बारीकियों पर काम करने की कोशिश की है। हालांकि कुछ जगहों पर उनका अभिनय थोड़ा असहज महसूस होता है, लेकिन एक्शन और तनाव वाले दृश्यों में वह कहानी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

प्रियदर्शन का निर्देशन कैसा है?

प्रियदर्शन ने फिल्म में रहस्य और तनाव का माहौल बनाए रखने की कोशिश की है। कहानी को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया है और कई मौकों पर दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर किया जाता है कि अगली चाल किसकी होगी।

फिल्म की खासियत यह है कि गंभीर अपराध और थ्रिलर वाले माहौल के बीच निर्देशक ने अपने पुराने अंदाज का हल्का कॉमिक टच भी बनाए रखा है। हालांकि फिल्म की लंबाई कुछ जगहों पर खटकती है और कई दृश्य ऐसे लगते हैं जिन्हें छोटा किया जा सकता था।

सपोर्टिंग कास्ट का भी असर

फिल्म में बोमन ईरानी, श्रिया पिलगांवकर, राजपाल यादव, शारिब हाशमी, सैयामी खेर और राजेश शर्मा जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं। इन कलाकारों ने कहानी को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दिया है।

फिल्म में दिवंगत अभिनेता असरानी की मौजूदगी भी दर्शकों के लिए भावुक पल लेकर आती है। वहीं मोहनलाल का कैमियो भी चर्चा में है और फिल्म के प्रमुख आकर्षणों में गिना जा रहा है।

क्या ‘हैवान’ देखनी चाहिए?

अगर आपको क्राइम, सस्पेंस और चोर-पुलिस वाले खेल पर आधारित फिल्में पसंद हैं तो ‘हैवान’ आपको एक बार सिनेमाघर तक खींच सकती है। फिल्म में अच्छे कलाकार, एक्शन और रहस्य का मिश्रण है।

हालांकि इसकी गति हर जगह एक जैसी नहीं रहती। कुछ हिस्से लंबे महसूस होते हैं और कहानी को थोड़ा और कसाव के साथ पेश किया जाता तो फिल्म का प्रभाव ज्यादा मजबूत हो सकता था।

कुल मिलाकर ‘हैवान’ एक औसत लेकिन वन-टाइम वॉच थ्रिलर बनकर सामने आती है। अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी तथा प्रियदर्शन की शैली फिल्म को देखने की वजह जरूर देती है, लेकिन कहानी और स्क्रीनप्ले में कुछ कमियां इसे शानदार फिल्म बनने से रोकती हैं।

Him Kiran रेटिंग: ★★½/5

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